जीवन है तो समस्याएँ तो आयेंगी?
समस्याएँ ही तो जीवन को परिपक्व करने का उपाय हैं। समस्याएँ आती हैं, तुम उनसे जूझते हो 
और परिपक्व होते हो।लेकिन याद रखना, समस्याएँ तुम्हें तभी परिपक्व कर पायेंगी जब तुम 
स्वयं उनसे जूझो, जब समाधान तुम्हारी अपनी चेतना खोजे। समस्या तुम्हारी हो और समाधान किसी और के 
तो तुम्हारी चेतना कभी परिपक्व नहीं होगी। कहीं से समाधान खोजने की अपेक्षा अपनी चेतना को ऊँचा उठाओ।
जैसे-जैसे चेतना ऊँची उठेगी, तुम अधिक जागरूक होते जाओगे