सूर्य
अगर आपकी कुंडली में सूर्य की स्थिति खराब है, या वह बहुत कमजोर है तो आपको घोड़े की सेवा करनी चाहिए। घोड़े को नियमित चारा डालें और साथ ही बुलबुल, कोयल, आदि के लिए अपनी छत पर दाना-पानी रखें।
चंद्रमा
जिस जातक की कुंडली में चंद्रमा की स्थिति बुरी है या चंद्रमा
कुप्रभाव दे रहा है तो उन्हें कुत्ता, बिल्ली, चिड़िया, मछली, कछुआ की पूजा करनी चाहिए। आप इनमें से कोई भी पशु-पक्षी पाल भी सकते हैं।
मंगल ग्रह
मंगल ग्रह से दुष्प्रभाव को कम करने के लिए हाथी, लोमड़ी, शिकारी कुत्ता, बाज, चील, गिद्द… इनकी देखरेख करनी चाहिए। ऐसा करने से मंगल दोष दूर होते हैं।
बुध ग्रह
बुध ग्रह कमजोर हो या दुष्प्रभाव दे रहा हो तो बंदर, कुत्ता, नेवला, तोता या अन्य कोई रेंगने वाले जीव की सेवा करने से अपको फायदा होगा।
बृहस्पति ग्रह
बैल, घोड़ा, हिरण, चील, मोर, मछली या कोई घरेलू पक्षी… ये सभी बृहस्पति ग्रह के प्रतिनिधि हैं। गुरु ग्रह से संबंध्त परेशानियों के हल स्वरूप आपको इन पशु-पक्षियों की सेवा करनी चाहिए। आपको मोर को दाना डालना चाहिए और मछलियों को आटे की गोलियां खिलानी चाहिए।
शुक्र ग्रह
अगर आपको शुक्र ग्रह के कमजोर होने या उसके दुष्प्रभाव से समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है तो आपको बकरी, सांड, चिड़िया, कबूतर को दाना-पानी डालना चाहिए।
शनि ग्रह
शनि देव को शांत रखने के लिए आपको काले कुत्ते की सेवा करनी चाहिए। इसके अलावा बिल्ली, खरगोश, भालू, ऊंट, जहरीले, समुद्री मछली, उल्लू आदि की देखरेख करनी चाहिए। कुम्हार के घर जाकर आपको गधे को खाना खिलाना चाहिए।
राहु-केतु
काले और भूरे रंग के पशु-पक्षी राहु-केतु ग्रह के प्रतिनिधि होते हैं। इन ग्रहों की पीड़ा शांत करने के लिए जहरीले और काले-भूरे रंग के जीवों की सेवा करनी चाहिए।